सुअरों के थूथन से दो दांत निकले होते हैं जिन्हें कुकुर दंत कहा जाता है। तंत्र क्रिया में इन्हीं कुकुरदंतों का इस्तेमाल होता है । यह किसी भी हिन्दू वाल्मीकि कसाई के यहां से प्राप्त किया जा सकता है... अमूमन तंत्रक्रिया से बचाव में स्वाभाविक मृत्यु के बाद प्राप्त किया गया सूअर का दांत ज्यादा कारगर होता है।
शूकर दंत लेकर वराहदेव की साधना की जाती है। वशीकरण करने एवं काटने हेतु शूकर दंत को पहले सिद्ध करना आवश्यक है, जिसकी विधि अत्यंत सरल है। होली दीपावली, दशहरा अथवा ग्रहण काल में अपने दाहिने हाथ में शूकर दंत रखें तथा 108 बार निम्नलिखत मंत्र का जाप करें :-
मंत्र के लिए mesg करे.
पूर्ण होते ही शूकर दंत पर फूंक मारे। इस अभिमंत्रित दंत को ताबीज बनाकर धारण कर लें। इस ताबीज से वशीकरण प्रभाव उत्पन्न होता है। इस ताबीज को पहनने से यदि सामने से कोई वशीकरण मन्त्र उपयोग किया जा रहा है तो उसकी तोड़ होती है। वशीकरण के अतिरिक्त यह अभिमंत्रित ताबीज भूतप्रेत बाधा एवं आसुरी शक्तियों पर भी चमत्कारी प्रभाव उत्पन्न करता है। जब "आधुनिक असुरों" (यानी लव j-हादी) को यह पता चलेगा, कि हिन्दू कन्या ने अपने गले में सूअर के दांतों वाला ताबीज पहन रखा है, वह उस लड़की से कम से कम बीस फुट की दूरी बनाए रखेगा.....
