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Monday, 20 September 2021

शंख सिद्ध करने का मंत्र


शंख मंत्र

 

शंखनाद उपजी धरती पर मधुर गीत सुनाए आलोकिक श्रृंखला ध्वनि पर मुकुट सजा 

शिव का देख देव गुस्करय लीला सारी शंख की ध्वनि में समाये शिव जी पृथ्वी लोक पर 

आये पार्वती का संगीत सुन आये पृथ्वी लोक के नर नारी शुभम हो जाय शंख की ध्वनि

उपज मधुर गीत सुनाये धरती माता की मधुर वाणी से गर्भ  धारण हो जाय शंखनाद 

उपजी धरती मधुर गीत सुनाये।

Tuesday, 27 April 2021

श्री महामारी स्तोत्रम्



 महाकालीमहन्नौमि महामारीस्वरूपिणीम्। रक्ष रक्ष जगन्मातस्त्वामेव शरणङ्गत:।।१।। त्वमेव शत्रुसंहन्त्री त्वमेव प्रलयेश्वरी। त्वामेव जगतां त्रात्रीं महामारीं नमाम्यहम्।।२।। त्वदर्भकस्त्वया त्रस्तस्त्वयैव रक्षितो मुहु:। दुष्ट दैत्य निहित्वं त्वां महामारीं नमाम्यहम्।।३।। यदा त्वं कुपिता मातस्तदा को रक्षको भवेत्। कारुण्यरूपिणीं देवीं महामारीं नमाम्यहम्।।४।। त्वमेवाम्ब महामाया त्वमेवासि क्षुधा तृषा। त्वमेव तुष्टि: पुष्टिस्त्वां महामारीं नमाम्यहम्।।५।। महामारीस्तोत्ररत्नं गङ्गाधरविनिर्मितम्। य: पठेच्छ्रद्धया नित्यं गृहे तस्य शुभं भवेत्।।६इति


मूलांक २ ( Driver 2)

  मूलांक २ स्वामी ग्रह चंद्र आहे, जो संवेदनशीलता, कल्पकता आणि भावनिकतेचे प्रतीक आहे. कलाकार, लेखक आणि सल्लागार क्षेत्रात हे प्रगती करतात. कम...